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“RLSP consider Rahul Gandhi as a PM candidate”, says Upendra Kushwaha

Bihar: In a convention organized by a media company, Rashtriya Lok Samta Party chief Upendra Kushwaha said, “My party considers Rahul Gandhi as a candidate for the post of Prime Minister”.

Though he targeted Nitish Kumar on the the education system of the state, Kushwaha clarified that he has no personal fight with Kumar.

Kushwaha said that party is made up of thousands of workers and not just MPs and MLAs, when asked about factionalism in RLSP. On a question asking Kushwaha if he considers Tejashwi Yadav as his leader, the chief said, “Every person of the country has the ability to become a leader.”

Earlier, in December after Kushwaha gave his ultimatum to BJP to solve the seat sharing issue ahead of Lok Sabha Polls 2019, following no response from either Amit Shah or PM Modi, Kushwaha had left the NDA alliance.

Kushwaha had joined UPA on December 20 declaring that his party Rashtriya Lok Samta Party will contest the elections as part of the Mahagathbandhan. He had said, “Nitish Kumar is a big conspirator. He got help from Delhi government. He decided that Kushwaha has to be demolished so that he will not be able to take up the issues of Bihar.”

Kushwaha was the Minister of State for Human Resource Development in the Modi government.

Link – https://newsd.in/rlsp-consider-rahul-gandhi-as-a-pm-candidate-says-upendra-kushwaha/

क्या बिहार में उपेंद्र कुशवाहा के महागठबंधन में जाने के बाद भाजपा घबरायी है?

जेडीयू के नेताओं का कहना है कि जब BJP के नेताओं को मालूम है कि 1995 के बाद कुशवाहा समाज के एक बड़े तबक़े ने कभी भी नीतीश कुमार को छोड़ा नहीं है तब ऐसे समारोह का आयोजन करना कुशवाहा का राजनीतिक भाव बढ़ाना ही है.

पटना: 

बिहार में हर राजनीतिक दल अपने को सालों भर सक्रिय रखता है. चुनाव के मौसम में उनकी सक्रियता बढ़ जाती है. लेकिन शुक्रवार को बिहार भाजपा के नेताओं ने पूर्व संसद और विधायक शकुनी चौधरी का जन्मदिन जिस तरह से बढ़ चढ़ कर मनाया उससे उनके विरोधियों से ज़्यादा उनके सहयोगियों को लगा कि भाजपा पूर्व केंद्रीय मंत्रीउपेन्द्र कुशवाहा के जाने से राजनीतिक रूप से परेशान और घबरायी हुई है. इसपर अधिकारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) या लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के किसी नेता ने प्रतिक्रिया तो नहीं दी लेकिन दबी ज़ुबान से उन्होंने स्वीकार किया कि भाजपा को ऐसे कार्यक्रम के आयोजन की आवश्‍यकता नहीं थी.

हालांकि शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट चौधरी ख़ुद भाजपा में हैं और खगड़िया सीट से एनडीए के उम्मीदवार बनना चाहते हैं लेकिन पिता पुत्र की राजनीतिक दास्तान यही रही है कि पिछले कई चुनावों से शकुनि चौधरी राजनीति के नौसिखियों से न केवल हारे हैं बल्कि कुशवाहा समाज में भी उनका प्रभाव काफ़ी सीमित रहा है. अपने बेटे सम्राट चौधरी की सदस्यता बचाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई बार गुहार भी लगायी.

 

जेडीयू के नेताओं का कहना है कि जब BJP के नेताओं को मालूम है कि 1995 के बाद कुशवाहा समाज के एक बड़े तबक़े ने कभी भी नीतीश कुमार को छोड़ा नहीं है तब ऐसे समारोह का आयोजन करना एक प्रकार से उपेंद्र कुशवाहा का राजनीतिक भाव बढ़ाना ही है. वहीं BJP के नेताओं का कहना है कि हर दल को अपने तरीक़े से समाज के हर जाति और वर्ग को जोड़ने का प्रयास करने का हक है और BJP ने भी ऐसा किया. हमारा लक्ष्य उपेंद्र कुशवाहा को कमज़ोर करना है और आगामी चुनाव में उन्हें उनकी राजनीतिक औक़ात दिखानी है.

Link – https://khabar.ndtv.com/news/lok-sabha-elections-2019/is-bjp-upset-after-upendra-kushwahas-induction-in-mahagathbandhan-in-bihar-1973201

 

राम मंदिर को लेकर पीएम मोदी के बयान पर कुशवाहा का कटाक्ष, बोले – मैने पहले ही कहा था

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और रालोसपा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने केन्द्र की मोदी सरकार पर कटाक्ष किया है . रालोसपा अध्यक्ष ने अपने ट्विटर के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान को लेकर अपनी प्रतिक्रया दी है. आज एक इंटरव्यू में पीएम मोदी द्वारा राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान पर कुशवाहा ने ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार को पढ़ाई, कमाई और दवाई की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए.

हालांकि रालोसपा का यी बयान एक तरीके से पीएम मोदी के बयान का सपोर्ट करते दिख रहे हैं. वहीं वे इस जरिए अपनी कही बात की जीत दिखने की भी कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा — मैंने भी कहा था कि मंदिर या मस्जिद बनवाना किसी राजनीतिक पार्टी या सरकार का कार्य नही है. इन्हें जनहित के मुद्दों जैसे बच्चों के लिए पढाई, युवाओं एवं किसानों के लिए कमाई और अस्वस्थ लोगों के लिए दवाई की समुचित व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए.

दरअसल आज नए साल के पहले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को एक इंटरव्यू दिया है. इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राम मंदिर के सवाल पर कहा कि वे इस मामले में कोर्ट के फैसले को ही मानेगे. उन्होंने इस मामले में आर्डिनेंस लाने के सवाल पर कहा कि सरकार ने ट्रीपल तलाक के मामले पर भी आर्डिनेंस कोर्ट के फैसले के बाद ही लाया है.

वहीं इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस पर राम मंदिर के मामले में रूकावटे पैदा करने का भी आरोप लगाया है. पीएम मोदी ने कांग्रेस के लोगों से अपील की कि वे इस मामले में कोर्ट को काम करने दें और इस मामले में कोर्ट में बाधा न बनें. उन्होंने कहा – हम अपने घोषणापत्र में कह चुके हैं कि कानूनी प्रक्रिया के द्वारा राम मंदिर मामले का हल निकाला जाएगा। मैं कांग्रेस के वकीलों से कहना चाहूंगा कि इस मामले में अड़ेंगे डालना बंद करें और कानून को अपना काम करने दें.

पीएम मोदी के इसी बयान को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने अपना यह ट्वीअ किया है. कुशवाहा ने कहा है कि उन्होेनें पहले भी कहा था की सरकार का काम मंदिर बनाने का नहीं है. उसका काम जनता की जरूरतों की चीजों को पूरा करना है. आपको बता दें कि एनडीए से अलग होने के पहले भी दिल्ली जाने से पहले कुशवाहा ने मंदिर को लेकर बीजेपी पर कटाक्ष किया था.

Link – https://livecities.in/bihar/upendra-kushwaha-tweak-on-pm-naredra-modi-speech-on-ram-temple-issue/

महागठबंधन के जीतने पर बिहार में होगा शैक्षिक सुधार: उपेंद्र कुशवाहा

पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को दावा किया कि बिहार में शैक्षणिक सुधारों के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 25 मांगों का जो एक चार्टर सौंपा था, उसे विपक्षी महागठबंधन के राज्य में सत्ता में आने पर लागू किया जाएगा। कुशवाहा जब राजग में थे और मंत्री थे तब वह चार्टर सामने लाए थे। उसमें राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा शिक्षकों की भर्ती, शिक्षकों को गैर शिक्षा कार्यों से पूरी तरह हटाने, विद्यार्थियों के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य बनाने जैसे आमूलचूल प्रस्ताव शामिल हैं।

कुशवाहा ने कहा, ‘जब मैंने यह चार्टर राज्य सरकार को सौंपा था, तब से एक लंबा अर्सा गुजर गया। नीतीश कुमार सरकार यदि इन महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुधारों पर राजी हो जाती तो मैंने अपनी पार्टी के राजनीतिक हितों को तिलांजलि देने तक की पेशकश की थी। लेकिन उसने उस पर ध्यान ही नहीं दिया।’ आरएलएसपी प्रमुख ने कहा कि लेकिन ये मांग महत्वपूर्ण हैं और हम इस पर दबाव बनाने जा रहे हैं। दो फरवरी से हमारी पार्टी राज्यव्यापी अभियान शुरू करेगी जिसके दौरान इस चार्टर के समर्थन में एक करोड़ नागरिकों के हस्ताक्षर लिये जाएंगे। इन दस्तावेजों को ट्रक में भरकर मुख्यमंत्री के निवास पर भेजा जाएगा।

आरएलएसपी अब महागठबंधन का हिस्सा बन गयी है जिसमें राजद और कांग्रेस जैसे दल हैं। कुशवाहा ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री से कोई उम्मीद नहीं है, ऐसे में दस्तखत वाले दस्तावेज उनके द्वार पर भेजे जायेंगे ताकि उन्हें अपने ही तरीके का जवाब मिले। उनका इशारा 2015 में नीतीश कुमार द्वारा उठाये गये उस कदम की ओर था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीएनए का जिक्र करने पर उन्होंने बिहारियों के नाखूनों और बाल के नमूने दिल्ली भेजे थे।

Link – https://www.prabhasakshi.com/national/would-ensure-educational-reforms-if-grand-alliance-wins-power-says-upendra-kushwaha

NDA के सांसद बोले- उपेंद्र कुशवाहा के जाने से फर्क तो पड़ेगा

सांसद ने कहा कि कुशवाहा जी एक कद्दाबर नेता है,मंत्री रह चुके हैं और राज्यसभा में भी रह चुके हैं. वह बिहार के जाने माने मजबूत नेता है. इसलिये असर तो पड़ेगा जरूर पड़ेगा. वहीं सन ऑफ मल्लाह  मुकेश सहनी के महागठबंधन में जुड़ने पर सांसद ने बताया कि उनकी रैली में काफी भीड़ होती है उनके भी अच्छे फॉलोवर हैं.

सांसद ने कहा कि मुकेश सहने से भी एनडीए को असर पड़ेगा. महागठबंधन के संपर्क में होने के सवाल  पर उन्होंने कहा कि हम सबके संपर्क में हैं, सबसे मिलते जुलते हैं इसमें कोई गलत बात नहीं है. यदि लालू जी बीमार है तो सबको जाना चाहिये अच्छी बात है खाली हम ही थोड़े गये है.

Link – http://hindi.eenaduindia.com/States/East/Bihar/OthersInBihar/2018/12/27114219/mehboob-ali-kaisar-on-upendra-kushwaha.vpf

उपेंद्र कुशवाहा का एलान- 3 जनवरी से शिक्षा सुधार यात्रा निकालेगी RLSP, उससे पहले लालू से मिलेंगे

पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में शिक्षा सुधार पर अपनी पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आरएलएसपी की ओर से ‘शिक्षा सुधार यात्रा’ निकाली जाएगी.

पटना: बिहार में शिक्षा व्यवस्था के बहाने 3 जनवरी से आरएलएसपी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा यात्रा पर निकलेंगे. इससे पहले वे आरेजडी सुप्रीमो लालू यादव से मुलाकात करेंगे. 29 दिसंबर को कुशवाहा रांची की जेल में लालू यादव से मिलेंगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री सूबे में शिक्षा सुधार को लेकर अपने 25 सूत्री मांगों के साथ राज्य की नीतीश कुमार की सरकार को घेरते रहे हैं. बुधवार को उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री मेरे माथे पर हाथ रखकर कहें कि इस मुद्दे पर मैं उनसे मिला था कि नहीं. इतना ही नहीं वो इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मिल चुके हैं.

पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में शिक्षा सुधार पर अपनी पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आरएलएसपी की ओर से ‘शिक्षा सुधार यात्रा’ निकाली जाएगी. इसकी शुरूआत सावित्री बाई फुले की जयंती पर 3 जनवरी से कुर्था जहानाबाद में जगदेव बाबू की प्रतिमा के नजदीक से होगी और नवादा तक जाएगी. यह कार्यक्रम नौ दिनों तक चलेगा. इसके बाद 2 फरवरी को आक्रोश मार्च निकाला जाएगा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा.

कुशवाहा ने यह भी कहा कि पहले से बिहार में शिक्षा की स्थिति चौपट है. उसको सुधार करने का संकल्प हमारी पार्टी ने लिया था. हमारी पार्टी ने विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए 25 सूत्री मांगें रखी थीं. इसपर सरकार का रुख सकारात्मक नहीं है. हमारी मांगों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने सवाल किया कि आखिर बिना शिक्षक कैसे पढ़ाई होगी. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिहार में नहीं है. सरकारी स्कूल में पढ़ने वालों की संख्या घट रही है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राजनीतिक प्रतिक्रिया देने से पूरी तरह से परहेज किया.

LINK – https://abpnews.abplive.in/bihar-news/bihar-upendra-kushwaha-to-start-shiksha-sudhar-yatra-from-3-january-1038614

उपेंद्र कुशवाहा का एलान- 3 जनवरी से शिक्षा सुधार यात्रा निकालेगी RLSP, उससे पहले लालू से मिलेंगे

पटना: बिहार में शिक्षा व्यवस्था के बहाने 3 जनवरी से आरएलएसपी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा यात्रा पर निकलेंगे. इससे पहले वे आरेजडी सुप्रीमो लालू यादव से मुलाकात करेंगे. 29 दिसंबर को कुशवाहा रांची की जेल में लालू यादव से मिलेंगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री सूबे में शिक्षा सुधार को लेकर अपने 25 सूत्री मांगों के साथ राज्य की नीतीश कुमार की सरकार को घेरते रहे हैं. बुधवार को उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री मेरे माथे पर हाथ रखकर कहें कि इस मुद्दे पर मैं उनसे मिला था कि नहीं. इतना ही नहीं वो इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मिल चुके हैं.

 

पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में शिक्षा सुधार पर अपनी पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आरएलएसपी की ओर से ‘शिक्षा सुधार यात्रा’ निकाली जाएगी. इसकी शुरूआत सावित्री बाई फुले की जयंती पर 3 जनवरी से कुर्था जहानाबाद में जगदेव बाबू की प्रतिमा के नजदीक से होगी और नवादा तक जाएगी. यह कार्यक्रम नौ दिनों तक चलेगा. इसके बाद 2 फरवरी को आक्रोश मार्च निकाला जाएगा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा.

 

कुशवाहा ने यह भी कहा कि पहले से बिहार में शिक्षा की स्थिति चौपट है. उसको सुधार करने का संकल्प हमारी पार्टी ने लिया था. हमारी पार्टी ने विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए 25 सूत्री मांगें रखी थीं. इसपर सरकार का रुख सकारात्मक नहीं है. हमारी मांगों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने सवाल किया कि आखिर बिना शिक्षक कैसे पढ़ाई होगी. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिहार में नहीं है. सरकारी स्कूल में पढ़ने वालों की संख्या घट रही है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राजनीतिक प्रतिक्रिया देने से पूरी तरह से परहेज किया.

Link – https://abpnews.abplive.in/bihar-news/bihar-upendra-kushwaha-to-start-shiksha-sudhar-yatra-from-3-january-1038614

कुशवाहा ने सीएम नीतीश से पूछा सवाल- अगर पढ़ेगा नहीं तो फिर कैसे बढ़ेगा बिहार ?

PATNA : RLSP के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा बिहार की शिक्षा–नीति को लेकर सीएम नीतीश को घेरने से बाज नहीं आ रहे। कुशवाहा ने एकबार फिर सीएम नीतीश से सवाल पूछा है। कुशवाहा ने प्रति छात्र बजट खर्च में बिहार के काफी पीछे होने पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया है। कुशवाहा ने आंकड़ों के माध्यम से सवाल उठाया है और कहा है कि बिहार के बच्चों पर बजट की काफी कम राशि खर्च की जा रही है।
दरअसल उपेन्द्र कुशवाहा जब एनडीए सरकार में मानव संसाधन राज्य मंत्री थे तभी से बिहार में शिक्षा सुधार को लेकर आंदोलन चला रहे हैं। केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी वे बिहार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाते रहे हैं। शिक्षा में सुधार मुद्दे को लेकर वे लगातार सीएम नीतीश की नीति पर सवाल उठाते रहे हैं। कुशवाहा जब एनडीए के साथ थे तब वे नीतीश कुमार की शिक्षा नीति को नालंदा मॉडल करार देते हुए उसे बदलने की मांग की थी। इतना ही नहीं वे केंद्रीय विद्यालय के मुद्दे पर केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री रहते उपवास पर भी बैठे थे।

शिक्षा पर राजनीति करने से बाज आएं कुशवाहा

हालांकि जदयू कुशवाहा पर शिक्षा पर राजनीति करने का आरोप लगाती रही है। जदयू नेता लगातार यह सवाल उठाते रहे हैं कि केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री रहते वे शिक्षा के विकास के लिए काफी काम कर सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब बिहार सरकार पर दोषारोपण कर अपनी विफलता को छुपाने का प्रयास कर रहे।

Link – https://news4nation.com/news/upendra-kushwaha-ne-cm-nitish-se-pucha-sawal-172019

बोले उपेन्द्र कुशवाहा – नीतीश ने किया कीर्ति आजाद का अपमान, मिथिलांचल के लोग नहीं करेंगे माफ

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: आगामी लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति गरमा गई है. इस दौरान भाजपा से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद के सपोर्ट में अब RLSP अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा खड़े हो गए हैं. बता दें कि दरभंगा केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और जयंत सिन्हा ने दरभंगा एयरपोर्ट की आधारशिला सोमवार को रखी. इस कार्यक्रम के दौरान बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद रहे. वहीं स्थानीय सांसद कीर्ति आजाद ने इस कार्यक्रम का बहीष्कार कर दिया. जिसको लेकर हाल में NDA से अलग हुए उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि सांसद कीर्ति आजाद का अपमान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मिथिलांचल के लोग नीतीश कुमार और सुशील मोदी को कभी माफ नही करेंगे.

RLSP चीफ उपेन्द्र कुशवाहा ने आज यानी सोमवार को ट्वीट कर लिखा कि पिछले दरवाजे से आकर नारियल फोड़ने वाले नीतीश कुमार और सुशील मोदी के द्वारा दरभंगा के लोगों द्वारा चुने हुए स्थानीय सांसद कीर्ति आजाद का अपमान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने आगे कहा कि मिथिलांचल के लोग कभी माफ नहीं करेंगे.

Link – https://livecities.in/big_news/upendra-kushwaha-attack-on-nitish-kumar-and-sushil-modi-hindi-news-latest/

Amit Shah is scared, says Upendra Kushwaha

After much speculation over the ruling Bharatiya Janata Party (BJP)’s seat-sharing formula for Bihar for the 2019 parliamentary elections, party president Amit Shah on Sunday announced that the BJP and Janta Dal (United) will both contest 17 Lok Sabha seats in the state, while the Lok Janshakti Party (LJP) will fight it out in six. Shah also announced LJP chief and Union minister Ram Vilas Paswan as the NDA’s candidate for the Rajya Sabha polls.

“We are sure the BJP will win at least 14 seats in Bihar,” the party chief said at the evening announcing the seat-sharing decision.

Paswan expressed confidence that the NDA government will serve another term in Bihar, refuting all rumours of internal unrest in the alliance. His comments were in reference to rumours of his switching back over to the UPA. He also expressed confidence that the BJP will sweep all 40 Lok Sabha seat in Bihar.

The LJP chief is the Minister of Consumer Affairs, Food and Public Distribution in the Narendra Modi Cabinet. He also served as a minister in the VP Singh government in 1989. Since coalitions became a reality in Indian politics, Paswan has worked in the Cabinet of six prime ministers of various political hues — the National Front, United Front, UPA and NDA.

Bihar chief minister Nitish Kumar said: “We are committed to development in Bihar. We are of the opinion that the Ram Mandir matter should be solved through a court decision.”

The seat-sharing announcement was delayed by a day as Paswan could not return to Delhi from Mumbai on time, as earlier expected.

Amit Shah is scared, says Upendra Kushwaha 

The discussions between the BJP-led NDA constituents for seat-sharing for the 2019 Lok Sabha elections have been keenly watched as they come in the backdrop of recent troubles in the alliance in Bihar. The RLSP, on 19 December, left the NDA, with its leader Kushwaha blaming the split on the “arrogance” of the BJP and the Bihar chief minister.

Rashtriya Lok Samta Party (RLSP) chief Upendra Kushwaha took to Twitter to react to the news, urging his followers to note “how much fear is within BJP president Amit Shah”.

Kushwaha wrote: “He said we are the three parties of the NDA: The BJP, JDU and RLSP… after which Paswan ji said ‘LJP… Lok Janshakti Party!'”

The RLSP had quit the alliance after the BJP did not give the party a higher number of seats, as Kushwaha had been demanding. While quitting the alliance, Kushwaha had also resigned as the Union Minister of State for Human Resource Development.

Shah had earlier announced that his party and its key ally JD(U), headed by Kumar, will contest an equal number of Lok Sabha seats in Bihar, a politically crucial state where the BJP-led NDA won 31 seats in 2014.

Link – https://www.firstpost.com/politics/bjp-announces-seat-sharing-formula-from-bihar-for-2019-lok-sabha-polls-nda-fields-ram-vilas-paswan-for-rajya-sabha-5778931.html

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